मगध प्रमंडल के अरवल जिला के किंजर में शिक्षा की लौ जलाने के लिए समाजवादी नेता और पूर्व मंत्री मुंद्रिका सिंह यादव ने 1982 में एक महाविद्यालय की शुरुआत की थी। शिक्षा के प्रसार-प्रसार का उनका प्रयास धीरे-धीरे भव्य आकार ग्रहण करता गया और आज मुंद्रिका सिंह यादव कॉलेज शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। अरवल-जहानाबाद रोड पर पुनपुन नदी के किनारे किंजर में अवस्थित मुंद्रिका सिंह यादव कॉलेज के इतिहास में एक नया अध्याय 14 जुलाई, 2025 को जुड़ गया। इस तिथि को कॉलेज परिसर में एक साथ दो-दो प्रतिमाओं का अनावरण किया गया। एक आदम प्रतिमा थी कॉलेज के संस्थापक मुंद्रिका सिंह यादव की, जिसका अनावरण पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने किया। इसके लिए 14 जुलाई को कॉलेज की ओर से भव्य समारोह का आयोजन किया गया था।

उसी समारोह में 25 अलग-अलग देशों से आये बौद्ध भिक्षुओं ने कॉलेज परिसर में स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिभा का अनावरण बौद्ध परंपराओं के अनुसार किया गया। अपने-अपने देश की धार्मिक आस्था के अनुसार बौद्ध भिक्षुओं ने तथागत बुद्ध की पूजा-अर्चना भी की। इस दौरान परिसर का माहौल काफी भक्तिपूर्ण हो गया था। बुद्धं शरणं गच्छामि से पूरा वातारण गुंज रहा था। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रतिमा अनावरण के बाद तथागत बुद्ध की पूजा-अर्चना की और प्रदेश में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।

नेता प्रतिपक्ष ने प्रतिमा अनावरण के बाद कॉलेज परिसर के पास ही मुंद्रिका सिंह यादव की जयंती के मौके पर आयोजित सभा को संबोधित किया। यह कार्यक्रम मुंद्रिका बाबू की 79वीं जयंती के मौके पर आयोजित की गयी थी। समारोह में वक्ताओं ने मुंद्रिका बाबू के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव फिर कॉलेज परिसर में पहुंचे। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अवधेश प्रसाद ने उनका स्वागत किया। इस समय मुंद्रिका बाबू के पुत्र और विधायक सुदय यादव भी मौजूद थे। विधायक ने नेता प्रतिपक्ष को प्राचार्य के कक्ष में लग गये, जहां तेजस्वी यादव ने मुंद्रिका बाबू की पत्नी तालुका देवी से मुलाकात की। वहां पर विधायक सुदय यादव और प्राचार्य अवधेश प्रसाद के कई परिजन भी उपस्थित थे। वहीं पर नेता प्रतिपक्ष ने तथागत बुद्ध की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर वितरित प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम के संबंध प्राचार्य अवधेश प्रसाद ने बताया कि यह संयोग ही रहा कि मुंद्रिका बाबू और तथागत बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण एक दिन ही हुआ। मुंद्रिका बाबू की प्रतिमा पहले बनकर तैयार हो गयी थी और तय जगह पर स्थापित हो गयी थी। जयंती के मौके पर प्रतिमा का अनावरण करना था। इसलिए तिथि का इंतजार किया जा रहा था। इसी बीच भगवान बुद्ध की प्रतिमा वियतनाम के बौद्ध मतावलंबियों ने दान स्वरूप कॉलेज को भेंट की। दोनों प्रतिमा स्थापित हो चुकी थी। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर मुंद्रिका बाबू की जयंती पर आयोजित समारोह में आने की सहमति मिल गयी। इसलिए कॉलेज को एक ही दिन तीन-तीन कार्यक्रम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्राचार्य ने बताया कि मुंद्रिका बाबू की प्रतिमा का अनावरण, तथागत बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण और मुंद्रिका बाबू की जयंती समारोह एक साथ संपन्न हो सका। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में विधायक सुदय यादव, महाविद्यालय प्रबंध समिति, कॉलेज के सहकर्मी और स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग मिला। इसलिए आयोजन की भव्यता यादगार बन गयी। प्राचार्य ने सबके प्रति आभार भी जताया।

इधर, जयंती समारोह के मौके पर आयोजित सभा को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ पूर्व मंत्री अब्दुलबारी सिद्दिकी, सांसद सुरेंद्र यादव एवं संजय यादव, विधायक भीम सिंह, विनय यादव, रामबली सिंह यादव, बागी कुमार वर्मा, महानंद सिंह, रेखा पासवान, सतीश कुमार आदि ने भी संबोधित किया। समारोह का संचालन विधायक सुदय यादव ने किया। इससे पहले स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। इस दौरान मंच का सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार गौतम ने किया।











