• About
  • Contcat Us
Sunday, March 8, 2026
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब
  • प्रशासन
  • झारखण्ड
No Result
View All Result
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब
  • प्रशासन
  • झारखण्ड
No Result
View All Result
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS
No Result
View All Result
Home जाति

यादवों के सामाजिक बोध को सत्‍ता बोध में बदला लालू ने

बांझ उम्‍मीदों का बोझ -2

Birendra Yadav by Birendra Yadav
May 12, 2024
in जाति, बिहार
0
0
SHARES
4
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय तक पहुंचते-पहुंचते यह बात समझ में आ गयी थी कि हिंदी पट्टी में यादव होना सबसे बड़ी राजनीतिक योग्‍यता है। औरंगाबाद से मैट्रिक, रांची से इंटर और हैदराबाद से ग्रेजुएशन के बाद हम पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए भोपाल पहुंचे थे। यह वह दौर था, जब बिहार में लालू यादव, यूपी में मुलायम सिंह यादव और हरियाणा ओम प्रकाश चौटाला मुख्‍यमंत्री हुआ करते थे। दरअसल मंडल आयोग की अनुशंसा लागू होने के पहले तक जाट भी यादव माने जाते थे। इसी का असर था कि चौधरी चरण सिंह और देवीलाल जैसे जाट नेताओं का प्रभाव यूपी-बिहार यादवों पर रहता था।
डॉ लोहिया के समाजवादी आंदोलन की रीढ़ यादव जाति ही थी। उसके साथ ही अन्‍य पिछड़ी जातियां गोलबंद थीं। कर्पूरी ठाकुर, रामानंद तिवारी, भूपेंद्र नारायण मंडल जैसे अनेक नेता इसी गोलबंदी की राजनीति कर रहे थे। यह गोलबंदी इतनी ताकतवर थी कि मधु लिमये, जार्ज फर्नांडीज, जेबी कृपालानी समेत अनेक समाजवादी नेताओं ने कई बार बिहार का प्रतिनिधित्‍व लोकसभा में किया। नेताओं की इसी फेहरिस्‍त के बीच प्रदेश में कई यादव नेताओं का उभार हुआ।
इसका असर सामाजिक स्‍तर पर भी पड़ रहा था। बिहार का सामाजिक ढांचा भी बदलने लगा था। पूरे बिहार में सवर्णों की सामाजिक सत्‍ता को यादवों से चुनौती मिलने लगी थी। इसी सामाजिक और राजनीतिक परिवेश में हम भी मैट्रिक, इंटर, ग्रेजुएशन की राह पर आगे बढ़ते जा रहे थे। भोपाल में रहते हुए अपने सामाजिक आधार को बढ़ाने की हरसंभव कोशिश की। यादव के सामाजिक संगठनों के साथ जुड़ाव बढ़ाया। माखनलाल में पढ़ते हुए हमने वाराणसी से प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका यादव ज्‍योति की कॉपी भी उसी पते पर मंगवाने की शुरुआत की। इसके माध्‍यम से हम अपनी जा‍तीय पहचान को ज्‍यादा आक्रामक बनाना चाहते थे। इसके पीछे एक प्रतिरोध की भावना भी थी।
प्रमाणपत्रों में नाम केवल वीरेंद्र कुमार हुआ करता था। इसलिए उपस्थिति पंजी में भी यही नाम दर्ज होता था। सवर्णों में एक प्रबल भाव होता है, सामने वाली की जाति जानने का। पढ़ाई के दौरान हमसे जिन लोगों ने जाति पूछी, सबके सब सवर्ण थे। माखनलाल में भी नामांकन के तीसरे-चौथे दिन सवर्णों की जमात ने हमारी जाति पूछी। इस घटना ने जाति के नाम पर हमें आक्रामक बना दिया। अपना पूरा अनुभव यही था कि जाति सिर्फ सवर्ण ही पूछता है। इस घटना के बाद हमने लोगों से जाति पूछना शुरू किया। इसमें हमने किसी से लिहाज नहीं की। जिससे भी संबंध बनाना या बढ़ाना है, उसकी जाति हम नाम के बाद तुरंत पूछ लेते हैं। अगर किसी के नाम से सिंह, तिवारी, पांडेय या मिश्रा लगा हो तो कौन वाले सिंह, तिवारी, मिश्रा हैं। यह भी पूछ लेते हैं। अब हमारी किसी की वर्गीय पहचान के बजाये जातीय पहचान में हमारी ज्‍यादा रुचि है।
1989 का लोकसभा और 1990 का विधान सभा चुनाव सामाजिक और राजनीतिक सत्‍ता के लिए टर्निंग प्‍वाईंट साबित हुआ। बिहार में लालू यादव के मुख्‍यमंत्री बनने का व्‍यापक असर सामाजिक स्‍तर पर हुआ। 1950 के बाद शुरू हुए समाजवादी आंदोलन ने यादवों के सामाजिक बोध को ताकत दी थी। यादवों ने अन्‍य पिछड़ी जातियों को साथ लेकर चलने की शुरुआत की थी। इसी कारण हर क्षेत्र में कोई न कोई यादव नेता उभर रहे थे और सक्रिय थे। सामाजिक आंदोलन में यादव छातानुमा जाति हो गयी थी, जिसके साये में सैकड़ों जातियां सुकून अनुभव कर रही थीं। इसी कारण सामाजिक आंदोलनों की जड़ें भी मजबूत हुई थीं। उन्‍हीं आंदोलनों की जमीन पर लालू यादव जैसे लोगों को मजबूत आधार मिला था। और कई प्रमुख नेताओं के विरोध के बावजूद लालू यादव जनता दल विधायक दल के नेता चुने गये थे।
लालू यादव के मुख्‍यमंत्री बनने के बाद बिहार के सामाजिक स्‍वरूप में काफी तेजी से बदलाव आया। पिछड़ों में सत्‍ता की धमक भी बढ़ने लगी। पिछड़ों में सत्‍ता बोध की भावना प्रबल हुई। लालू यादव ने यादवों के सामाजिक बोध को सत्‍ता बोध में तब्‍दील किया। सत्‍ता का यह बोध सभी पिछड़ी एवं दलित जातियों में आया था, लेकिन यादव जाति में यह ज्‍यादा प्रबल था। इसका असर हमारे व्‍यक्तित्‍व पर भी था।
भोपाल में रहते हुए हमने जातीय पक्ष को ज्‍यादा उभारने का प्रयास किया। बाबूलाल गौड़ या सुभाष यादव के साथ निकटता इसी का विस्‍तार था। भोपाल में बड़ी आबादी बिहारियों की है। उनके साथ भी स्‍वाभाविक जुड़ाव था। हमारी कोशिश रहती थी कि यादवों के साथ जुड़कर अपना आधार बढ़ाया जाए। राजनीतिक और सामाजिक जमीन को स्‍थायी बनाये रखने के लिए यह जरूरी था। (जारी)
Tags: lalu yadav ne diya satta bodh
Previous Post

पहली बार एमपी की विदिशा सीट से चुनाव लड़ने का प्रयास किया था

Next Post

विनय सिंह के प्रस्‍ताव को अस्‍वीकार नहीं कर पाये

Birendra Yadav

Birendra Yadav

Next Post

विनय सिंह के प्रस्‍ताव को अस्‍वीकार नहीं कर पाये

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
गैरसवर्णों के लिए ‘स्‍वर्ण काल’ था लालू राज

गैरसवर्णों के लिए ‘स्‍वर्ण काल’ था लालू राज

June 21, 2025
सम्राट चौधरी को पगड़ी गंगा में बहाने के मिले संकेत

सम्राट चौधरी को पगड़ी गंगा में बहाने के मिले संकेत

January 20, 2024
फिर मंडप में बैठी कुर्मी सरकार, दहेज में मिला कोईरी और भूमिहार

फिर मंडप में बैठी कुर्मी सरकार, दहेज में मिला कोईरी और भूमिहार

January 28, 2024
जमुई के लोजपारा के अरुण भारती की उम्‍मीदवारी पर खतरा मंडराया

जमुई के लोजपारा के अरुण भारती की उम्‍मीदवारी पर खतरा मंडराया

April 4, 2024
सुशील, सम्राट, हरी, उपेंद्र, चिराग सब गंगा में हदा दिये जाएंगे

सुशील, सम्राट, हरी, उपेंद्र, चिराग सब गंगा में हदा दिये जाएंगे

2

‘विधवा सुहागन’ हो गये पंचायत प्रतिनिधि अध्‍यादेश की ‘नौटंकी’ का सच आया सामने एमएलसी चुनाव में वोट देने का अधिकार भी देगी सरकार

0

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रमाणपत्र आजीवन रहेगा वैध सात वर्ष पुराने सर्टिफिकेट की जगह नया प्रमाणपत्र देगी राज्‍य सरकार

0

भाजपा और संघ का इतिहास धोखा देने का है

0
कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

August 30, 2025
बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

August 29, 2025

Recent News

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

August 30, 2025
बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

August 29, 2025
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS

Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS

Browse by Category

  • education
  • News
  • कैबिनेट क्लब
  • जाति
  • झारखण्ड
  • प्रशासन
  • बिहार
  • राजनीति

Recent News

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब

© 2023 Birendra Yadav News

No Result
View All Result
  • Homepages

© 2023 Birendra Yadav News