
स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य में एचआईवी और यौन संचारित रोगों (एसटीडी) की ससमय पहचान और बेहतर उपचार प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। इसके लिए समय – समय पर एचआईवी और यौन संचारित रोगों पर विभिन्न प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाते रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय एड्स एवं यौन संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य अपने पहले लक्ष्य के विरुद्ध 95 फीसदी एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को अपनी एचआईवी की स्थिति की जानकारी प्रदान करने के लिए इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप का आयोजन करेगी। यह हेल्थ कैंप उच्च एचआईवी प्रसार वाले क्षेत्रों,पंचायत,गांव और हॉटस्पॉट और खतरे वाली आबादी के बीच आयोजित होगी । हेल्थ कैंप के आयोजन के दौरान एचआईवी के साथ जी रहे लोगों के परिवारजनों,साथी उच्च जोखिम समूहों,यौन संक्रमित रोगी,यक्ष्मा,कालाजार मरीज,गर्भवती महिला सहित अन्य जोखिम समूहों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएगी।
श्री पांडेय ने कहा कि इस शिविर के माध्यम से उच्च जोखिम वाले समूहों के बीच एचआईवी और सिफलिस के परामर्श एवं जांच,एचआईवी संक्रमितों को एआरटी सेंटर से जोड़ना, टीबी रोगियों, हेपाटाईटिस बी एवं सी, रक्तचाप, कालाजार एवं मधुमेह रोगियों की स्क्रीनिंग एवं उपचार से जोड़ना,मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं और अन्य स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने सहित विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान की जाएगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल,जिला अस्पताल,अनुमंडलीय अस्पताल,रेफरल अस्पताल,रेफरल अस्पताल,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध एसटीआई,एचआईवी एवं अन्य आवश्यक आंकड़े भी एकत्रित किए जा रहे हैं।
श्री पांडेय ने कहा कि शिविर के सुचारु संचालन एवं सफलता के लिए स्वास्थ्य/एनएचएम, शिक्षा, पंचायती राज, युवा कार्य एवं खेल, आईसीडीएस, ग्रामीण विकास विभाग सहित जीविका से भी सहयोग लिया जाएगा। व्यक्तिगत परामर्श एवं जांच का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए चिकित्सकों/प्रयोगशाला प्रावैधिकी/स्टाफ नर्स एवं अन्य कर्मियों एवं हितधारकों का सहयोग लिया जाएगा। शिविर का आयोजन सिविल सर्जन/ जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी की अध्यक्षता में की जाएगी। समेकित स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के लिए जरुरी मानव बल का आकलन एवं व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। चिन्हित क्षेत्रों, गाँव, पंचायत, हॉट स्पॉट या ऐसे क्षेत्र जहाँ एचआईवी संक्रमितों की पहचान संभावित हो , उन क्षेत्रों में लक्षित समुदाय के बीच व्यापक प्रचार -प्रसार पर बल दिया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य शिविर के नियमित पर्यवेक्षण करने के लिए पर्यवेक्षण टीम बनाए जाएंगे एवं लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।









