बिहार विधानसभा आम निर्वाचन -2025 की तैयारियों के मद्देनजर मंगलवार को अधिवेशन भवन, पटना में सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन मंगलवार को पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, एवं शिवहर जिलों से 277 सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी शामिल हुए।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार, श्री विनोद सिंह गुंजियाल के द्वारा मतदाता सूची अद्यतीकरण के तहत मतदाता सूची में पंजीकरण, नाम विलोपित करने तथा स्थानांतरण से संबंधित आवेदनों का निष्पादन गंभीरता से करने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी अपने दायित्व को समझें और बूथ स्तर पर सर्वे कर मतदाता सूची का अद्यतीकरण करें, ताकि मतदाता सूची में अशुद्धि नहीं रहे। सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में बूथों का भौतिक सत्यापन करने तथा आश्वस्त न्यूनतम सुविधा (एएमएफ) अभी से ही पूरा करने का निदेश गया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जल्द ही विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) शुरू होने वाला है। एसएसआर की प्रक्रिया में सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी बूथ स्तर पर समीक्षा करें और हर एक बूथ की जानकारी रखें। उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ डोर-टू-डोर जाना सुनिश्चित करेंगे तथा सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी बीएलओ के कार्यों का गंभीरता से मोनिटरिंग करेंगे।
उन्होंने अहर्ता प्राप्त सभी युवाओं के नाम निर्वाचक सूची में जोड़ने का निदेश दिया।
अपर सचिव माधव कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर (एनएलएमटी) उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक प्रियदर्शी, श्री रत्नाम्बर निलय व श्री मनोज कुमार सिंह, उप निर्वाचन पदाधिकारी निवेदिता सिन्हा, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती शिखा सिन्हा, मनीष कुमार, स्टेट मीडिया नोडल पदाधिकारी श्री कपिल शर्मा के द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित अधिकारियों को मतदाता सूची से संबंधित संवैधानिक व कानूनी प्रावधान तथा ईआरओ नेट के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एईआरओ) का मूल्यांकन भी किया गया।










