होली के बाद से औरंगाबाद और रोहतास जिले में हमारा आना-जाना कुछ ज्यादा हो गया है। इसके कुछ पारिवारिक कारण हैं तो कुछ पेशागत कारण भी। 26 अप्रैल को राजपुर के चौधरी चरण सिंह कॉलेज में आयोजित औरंगाबाद और रोहतास जिले के मुखिया और पैक्स अध्यक्ष की डायरेक्टरी के लोकार्पण समारोह को लेकर ज्यादा व्यस्तता रही। इसी कड़ी के विस्तार के रूप में 17 और 18 जून की दाउदनगर यात्रा को देख सकते हैं।

दो दिन हम दाउदनगर में रहे। 15 जून को साथी उपेंद्र कश्यप की पुस्तक आचंलिक पत्रकारिता की दुनिया का लोकार्पण दाउदनगर में था। पटना में व्यस्तता के कारण उस समारोह में हम शामिल नहीं हो पाये थे। इसकी भरपाई के लिए हमने 17 जून को दाउदनगर में उनसे मुलाकात की और शुभकामनाएं दीं। 150 पन्नों की इस पुस्तक की कीमत 500 रुपये हैं। मार्जिनलाइज्ड प्रकाशन ने इसे प्रकाशित किया है। इस पुस्तक को खरीदने के लिए आप उपेंद्र कश्यप के मोबाईल नंबर – 9931852301- पर संपर्क कर सकते हैं। पुस्तक के नाम से ही स्पष्ट है कि प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तरीय पत्रकारिता के स्वरूप और चुनौती को केंद्र में रखकर पुस्तक लिखी गयी है। लेखक खुद वरिष्ठ पत्रकार हैं और उसी आंचलिक पृष्ठभूमि से निकल कर आये हैं। इसलिए उन चुनौतियों को आत्मसात भी किया है।

इस पुस्तक की एक और खासियत है। यह नया प्रयोग भी है। पुस्तक के प्रकाशन पर स्थानीय शिक्षाविद, व्यवसायियों एवं शुभेच्छुओं का विज्ञापन भी पुस्तक में समाहित है। इससे लेखक को आर्थिक मदद मिलने के साथ ही स्थानीय शैक्षणिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बारे में पाठकों को जानकारी मिल सकेगी। पुस्तक का प्रकाशन काफी महंगा हो गया है। वैसी स्थिति उपेंद्र कश्यप का यह प्रयोग काफी व्यावहारिक और प्रशंसनीय है।

18 जून को हम रोहतास जिले के राजपुर स्थित चौधरी चरण सिंह कॉलेज में गये थे। मकसद प्राचार्य डॉ सुनीता कुमारी अन्य सहयोगी से मुलाकात करना भी था। 18 जून को पूर्व सांसद रामअवधेश सिंह की जयंती भी थी। इस मौके पर एक समारोह का आयोजन भी कॉलेज के सभागार में आयोजित था। हम भी थोड़ी देर समारोह में शामिल हुए। वहीं सेवानिवृत्त शिक्षक रामाधार सिंह से मुलाकात हुई। वे समाजवादी आंदोलन से जुड़े रहे थे। उनका जुड़ाव राम अवधेश सिंह के साथ भी था। उन्होंने कई संस्मरण भी सुनाये। यह संयोग था कि वे वीरेंद्र यादव न्यूज पहले भी पढ़ते रहे थे। मुलाकात हुई तो याद ताजा हो गयी।
दो दिनों के बाद बुधवार को ही देर शाम पटना लौट आये। अब अगले 5 महीने तक पटना में जमकर लिखना है। विधान सभा चुनाव तक हम एक डिजिटल दैनिक का प्लान भी कर रहे हैं। उसका नाम होगा – इलेक्शन काउंटर। इसमें चुनाव से जुड़ी हर तरह की खबर वीरेंद्र यादव न्यूज की शैली में होगी। इसमें हम विज्ञापन भी प्रकाशित करेंगे। सच तो यह है कि विज्ञापन के लिए ही हम डिजिटल दैनिक का प्लान लेकर आये हैं। यदि आप भी चुनाव लड़ने में रुचि रखते हैं तो विज्ञापन दे सकते हैं और अपनी पोलिटिकल मार्केटिंग करवा सकते हैं। वीरेंद्र यादव न्यूज की पहुंच वहां तक है, जहां टिकट का फैसला होता है। पार्टी कोई हो, नेता कोई हो, सिंबल कोई हो, वीरेंद्र यादव न्यूज से अछूता कोई नहीं है।











