• About
  • Contcat Us
Saturday, March 7, 2026
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब
  • प्रशासन
  • झारखण्ड
No Result
View All Result
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब
  • प्रशासन
  • झारखण्ड
No Result
View All Result
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS
No Result
View All Result
Home जाति

क्राइम बीट बनती जा रही है विधान मंडल की रिपोर्टिंग

17वीं विधान का अंतिम सत्र बना अखाड़ा

Birendra Yadav by Birendra Yadav
July 25, 2025
in जाति, बिहार, राजनीति
0
क्राइम बीट बनती जा रही है विधान मंडल की रिपोर्टिंग
0
SHARES
12
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
21 से 25 जुलाई। विधान सभा का मानसून सत्र। सत्रहवीं विधान सभा का विदाई सत्र भी था। हम विधान सभा का विदाई सत्र कह रहे हैं, विधायकों की विदाई की बात नहीं कर रहे हैं। 2005 के विधान सभा चुनाव से विधायकों की पुनरावृत्ति का अध्‍ययन किया तो यह बात सामने आयी है कि हर विधान सभा के 55-60 फीसदी सदस्‍य की वापसी होती है। जबकि 40 से 45 फीसदी विधायक विदाई के शिकार हो जाते हैं। विदाई की वजह चुनाव हार जाना या चुनाव से बाहर रह जाना है। चुनाव से बाहर रहने के भी अलग-अलग कारण हैं।
पांच दिवसीय मानसून सत्र में विधायकों पर चुनाव का भूत हावी था। विधायकों की मंशा थी कि कुछ ऐसा करें कि जनता भी वाह-वाह करे और पार्टी नेता भी पीठ थपथपाएं। इस फेर में सदन नेता एवं मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव के सामने उनके विधायक बांह चढ़ाकर दूसरे पक्ष पर चढ़ जाना चाहते थे। वेल संसदीय मर्यादा की सीमा नहीं, बल्कि सत्‍ता और विपक्ष के लिए अखाड़ा बना रहा। विपक्ष की ओर से हंगामा करना और वेल में आना प्रचलन में है, लेकिन इस बार सत्‍ता पक्ष के लोग ही हंगामा में विपक्ष पर भारी पड़ रहे थे। एक समय ऐसा भी आया, जब पूरा ट्रेजरी बेंच ही कोलाहल का अड्डा बन गया था। स्‍पीकर नंद किशोर यादव के निर्देश के बाद भी हाउस आउट ऑफ कंट्रोल हो गया। उस समय मुख्‍यमंत्री खुद अपनी सीट पर आसीन थे। स्थिति अनियंत्रित होता देख स्‍पीकर ने बैठक स्‍थगित कर दी और नाराज मुद्रा में अपने चैंबर की ओर प्रस्‍थान कर गये। उन्‍होंने जाते-जाते कहा कि सत्‍ता पक्ष का यह आचरण उचित नहीं है।
अब आप सोच रहे होंगे कि आउट ऑफ कंट्रोल और स्थिति अनियंत्रित जैसे पुलिसिया शब्‍द का इस्‍तेमाल विधान मंडल की कार्यवाही में क्‍या जरूरत पड़ गयी। दरअसल विधान सभा का पांच दिन का दृश्‍य यह बताने के लिए काफी है कि विधायकों के आचरण और पार्टी नेताओं की विवशता ऐसी ही बनी रही तो विधान मंडल की रिपोर्टिंग राजनीति की जगह अपराध यानी क्राईम बीट बन जाएगा। यह चिंता की नहीं, शर्म की बात है। सदन की कार्यवाही के दौरान बिहार को लोकतंत्र की जननी बताने वाले विधायक ही गणतंत्र का चिरहरण करते नहीं थक रहे थे। महाभारत में एक मात्र व्‍यक्ति चिरहरण की कुचेष्‍टा कर रहा था, लेकिन बिहार विधान सभा में सत्‍ता और विपक्ष में बैठा हर एक व्‍यक्ति लोकतंत्र को अनावरण कर अठहास कर रहा था। महाभारत में चिरहरण प्रकरण के दौरान कुछ लोग खुद को लज्जित महसूस कर रहे थे। लेकिन विधान सभा में चिरहरण के हर प्रयास पर दोनों पक्ष के अगुआ आनंदित हो रहे थे। हालांकि स्‍पीकर नंद किशोर यादव हंगामा और उत्‍पात के बीच विधायी कार्य संपन्‍न करवाते रहे। विधायक और मंत्रियों के आचरण पर स्‍पीकर ने कई बार नाराजगी जतायी, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं होता था।
अगर हम विधायकों की बात करें तो यादव, राजपूत और भूमिहारों ने पांच दिनों तक सदन को बंधक बनाये रखा था। हर बार आग लगाने और घी डालने का काम इन्‍हीं तीन जाति के विधायकों ने किया। अन्‍य जाति के विधायक तो हवन कुंड में गोईठा भर डाल रहे थे। एक बात और स्‍पष्‍ट हुई कि टेबुल और कुर्सी पलटने की कोशिश में यादव के साथ कोईरी विधायक भी जुटे थे।
पांच दिनों में विधान मंडल की कार्यवाही और हंगामा देश भर में सुर्खियां बनती रहीं। कार्यवाही का सीधा प्रसारण इस अवधारणा के साथ शुरू हुई थी कि विधायक अपने आचरण को मर्यादित और संयमित बनाये रखेंगे। जनता का उन्‍हें डर होगा। लेकिन हुआ ठीक इसके उलट। अब विधायकों का अमर्यादित और असंयमित हरकत ही सुर्खियां बनती हैं। विधायी कार्य अखबारों की सूचना भर होता है, हंगामा और कुर्सी पलट ही जगह पाती है। एक परंपरा है कि स्‍पीकर कार्यवाही के दौरान किसी भी शब्‍द या वाक्‍यांश को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दे सकते हैं। लेकिन जब सीधा प्रसारण हो रहा है तो ऐसी व्‍यवस्‍था ही अप्रासंगिक हो गयी है। इस प्रसंग में विधायकों के शब्‍द या वाक्‍यांश को हटाये जाने के निर्देश आमतौर पर दिये जाते हैं, लेकिन सत्रहवीं विधान सभा में कम से कम तीन बार मुख्‍यमंत्री के वक्‍तव्‍य को कार्यवाही से हटाने की कार्रवाई की गयी है।
सत्रहवीं विधान सभा अपने अवसान की ओर बढ़ रही है। इसका शेष कार्यकाल अधिकतम 120 दिनों का है। विधायक पूरा पांच साल चुनाव मैदान में ही रहते हैं, लेकिन अगला चार महीना अग्निपथ पर चलने के समान है। पहली चुनौती अपनी पार्टी से फिर टिकट हासिल करना है। इसके बाद जनता को पिछले पांच सालों का हिसाब देना भी है। इस चुनौतियों को पार पाने के लिए हर व्‍यक्ति के लिए अपनी-अपनी राह और संभावना है। इसी दरम्‍यान में पार्टियों के बीच गठबंधन का दौर भी चलेगा। कौन सी सीट गठबंधन की भेंट चढ़ जाएगी और कौन सी सीट किसके खाते में जाएगी। अभी सभी खेमों में इसी पर मंथन चल रहा है। राजनीति के गलियारे में उम्‍मीदों की अंधी यात्रा में शामिल हर व्‍यक्ति का मंजिल विधान सभा में पहुंचना ही है। वीरेंद्र यादव न्‍यूज और न्‍यूज पोर्टल birendrayadavnews.com विधायकी के साथ भी और विधायकी के बाद भी साथ में खड़ा मिलेगा।
Tags: vidhan-sabhha-samiksha
Previous Post

‘ब्रेन डेट गवर्नमेंट’ का आनंद उठा रहा बिहार

Next Post

प्रतिनिधियों के माध्यम से चलती है संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली

Birendra Yadav

Birendra Yadav

Next Post
प्रतिनिधियों के माध्यम से चलती है संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली

प्रतिनिधियों के माध्यम से चलती है संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
गैरसवर्णों के लिए ‘स्‍वर्ण काल’ था लालू राज

गैरसवर्णों के लिए ‘स्‍वर्ण काल’ था लालू राज

June 21, 2025
सम्राट चौधरी को पगड़ी गंगा में बहाने के मिले संकेत

सम्राट चौधरी को पगड़ी गंगा में बहाने के मिले संकेत

January 20, 2024
फिर मंडप में बैठी कुर्मी सरकार, दहेज में मिला कोईरी और भूमिहार

फिर मंडप में बैठी कुर्मी सरकार, दहेज में मिला कोईरी और भूमिहार

January 28, 2024
जमुई के लोजपारा के अरुण भारती की उम्‍मीदवारी पर खतरा मंडराया

जमुई के लोजपारा के अरुण भारती की उम्‍मीदवारी पर खतरा मंडराया

April 4, 2024
सुशील, सम्राट, हरी, उपेंद्र, चिराग सब गंगा में हदा दिये जाएंगे

सुशील, सम्राट, हरी, उपेंद्र, चिराग सब गंगा में हदा दिये जाएंगे

2

‘विधवा सुहागन’ हो गये पंचायत प्रतिनिधि अध्‍यादेश की ‘नौटंकी’ का सच आया सामने एमएलसी चुनाव में वोट देने का अधिकार भी देगी सरकार

0

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रमाणपत्र आजीवन रहेगा वैध सात वर्ष पुराने सर्टिफिकेट की जगह नया प्रमाणपत्र देगी राज्‍य सरकार

0

भाजपा और संघ का इतिहास धोखा देने का है

0
कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

August 30, 2025
बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

August 29, 2025

Recent News

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

August 30, 2025
बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

August 29, 2025
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS

Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS

Browse by Category

  • education
  • News
  • कैबिनेट क्लब
  • जाति
  • झारखण्ड
  • प्रशासन
  • बिहार
  • राजनीति

Recent News

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब

© 2023 Birendra Yadav News

No Result
View All Result
  • Homepages

© 2023 Birendra Yadav News