बिहार विधान सभा चुनाव के लिए एनडीए में फंसे पेंच के बीच भाजपा ने अपने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इसमें 47 विधायकों पर फिर से भरोसा जताया है, जबकि तारापुर से जदयू के विधायक राजीव कुमार सिंह की जगह भाजपा ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को टिकट दिया है। इसके अलावा भाजपा ने बिक्रम से कांग्रेस के विधायक रहे सिद्धार्थ सौरभ को अपना टिकट देकर फिर से मैदान में उतारा है। भाजपा के अलीनगर से एमएलए मिश्रीलाल यादव भी बेटिकट हो गये हैं। उन्होंन पहले ही पार्टी छोड़ दी थी।
भाजपा ने निवर्तमान 11 विधायकों की जगह नये उम्मीदवार को टिकट दिया है। रीगा से मंत्री रहे मोतीलाल प्रसाद की जगह बैजनाथ प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया है। वे पूर्व एमएलसी हैं। सीतामढ़ी से मिथिलेश कुमार की जगह सुनील कुमार पिंटू को टिकट दिया है। वे पूर्व विधायक एवं सांसद रहे हैं। राजनगर से पूर्व मंत्री रामप्रीत पासवान की जगह सुजीत पासवान को मैदान में उतारा है। नरपतगंज से जयप्रकाश यादव की जगह पूर्व विधायक देवंती यादव को उम्मीदवार बनाया है। गौराबौराम से स्वर्णा सिंह की जगह सुजीत सिंह को उम्मीदवार बनाया है। औराई से रामसूरत राय की जगह रमा निषाद, कटोरिया से निक्की हेम्ब्रम की जगह पूरण लाल टूडू, मुंगेर से प्रणव कुमार की जगह कुमार प्रणय, कुम्हरार से अरुण सिन्हा की जगह संजय गुप्ता और पटना साहिब से स्पीकर नंदकिशोर यादव की जगह रत्नेश कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया है। आरा में पूर्व मंत्रीअमरेंद्र प्रताप सिंह की जगह पूर्व विधायक संजय सिंह टाईगर को उम्मीदवार बनाया गया है।
उम्मीदवारों की पहली सूची में भाजपा ने 12 नये विधान सभा क्षेत्रों में भी अपना उम्मीदवार उतारा है। किशनगंज से स्वीटी सिंह, भागलपुर से रोहित पांडेय एवं औरंगाबाद से त्रिविक्रम सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। तारापुर से सम्राट चौधरी, बैकुंठपुर से पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी, सीवान से मंत्री मंगल पांडेय, तेघड़ा से पूर्व एमएलसी रजनीश कुमार, दानापुर से पूर्व सांसद रामकृपाल यादव, बिक्रम से निर्वमान विधायक सिद्धार्थ सौरभ, अरवल से पूर्व विधायक मनोज शर्मा, गुरुआ से पूर्व एमएलसी उपेंद्र प्रसाद दांगी और हिसुआ से पूर्व विधायक अनिल सिंह को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा ने अभी लगभग 20 विधायकों को होल्ड पर रखा है। मतलब पहली सूची में उनका नाम नहीं है। ऐसे विधायकों की सांस फंसी हुई है। भाजपा की ओर से अभी 30-35 उम्मीदवारों को टिकट थमाने की संभावना है। एनडीए गठबंधन में सीट शेयरिंग के हिसाब से भाजपा के खाते में अधिकतम 35 सीटें आ सकती हैं। राजद और कांग्रेस छोड़कर एनडीए के पाले में आये 7 विधायकों में से एकमात्र सिद्धार्थ सौरभ को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है।
पहली सूची में भाजपा से सबसे ज्यादा ऑपरेशन यादव विधायकों की सीटों पर किया है। पीपरा से श्यामबाबू यादव और परिहार से गायत्री देवी को फिर से टिकट दे दिया है, जबकि नरपतगंज में एक यादव की जगह दूसरे यादव को टिकट थमा दिया है। कहलगांव से पवन यादव विधायक हैं और उनकी सीट अभी होल्ड पर है। इधर, पटना साहिब से नंदकिशोर यादव, मुंगेर से प्रणव कुमार, अलीगनर से मिश्रीलाल यादव और औराई से रामसूरत राय बेटिकट कर दिये गये हैं। माना जा रहा है कि नंदकिशोर यादव को किसी राज्य का राज्यपाल बनाया जा सकता है। भाजपा ने किसी भी नयी सीट पर यादव को टिकट नहीं दिया है।











