• About
  • Contcat Us
Sunday, March 8, 2026
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब
  • प्रशासन
  • झारखण्ड
No Result
View All Result
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब
  • प्रशासन
  • झारखण्ड
No Result
View All Result
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS
No Result
View All Result
Home जाति

लाल गमछा देखकर सांढ भड़कता है, हरा गमछा देखकर अतिपिछड़ा

यादवजी की पाठशाला में भैंस के रंग पर मंथन

Birendra Yadav by Birendra Yadav
June 22, 2024
in जाति, बिहार, राजनीति
0
लाल गमछा देखकर सांढ भड़कता है, हरा गमछा देखकर अतिपिछड़ा
0
SHARES
10
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
राष्‍ट्रीय जनता दल ने 20 और 21 जून को लोकसभा चुनाव के परिणाम पर दो दिवसीय मंथन किया। यह मंथन 4 सीटों पर जीत के लिए था या 22 सीटों पर हार के लिए, यह स्‍पष्‍ट नहीं हो सका। राजद ने 23 ही उम्‍मीदवार दिये थे, लेकिन जिन 3 सीटों को वीआईपी ने गोद लिया था, वह भी राजद की थी। इसलिए उसकी हार की जिम्‍मेवारी भी राजद को ही जाती है। वास्‍तव में राजद की असली जीत एक ही सीट औरंगाबाद में हुई है, बाकी तीन सीटों पर जीत सामाजिक परिस्थिति और पवन सिंह के कारण हुई।
राजद की समीक्षा बैठक चार चरणों में हुई। पहले चरण की समीक्षा 20 जून हुई थी, जबकि तीन अन्‍य चरणों की समीक्षा 21 जून को हुई। राजद की समीक्षा बैठक के नायक तेजस्‍वी यादव थे। पार्टी का नेतृत्‍व भी वही कर रहे हैं। इसलिए हार या जीत के जिम्‍मेवार उन्‍हें ही माना जाना चाहिए। हम समीक्षा बैठक को तेजस्‍वी यादव यानी यादव जी की पाठशाला ही मानते हैं। जहां तक मंथन की बात है, ठीक वैसे ही जैसे भैंस के रंग पर बहस करना होता है। भैंस काली ही होती है, उस पर मंथन क्‍या करना है। एकाध भैंस भूरी होती है, जैसे औरंगाबाद का परिणाम। राजद की समीक्षा में मंथन हार के कारणों पर होता रहा। सामान्‍य ही बात है कि जनता ने वोट नहीं दिया, इसलिए हार गये।
मंथन इस पर होना चाहिए कि राजद को जीतने के लायक वोट क्‍यों नहीं मिला। राजद के पास कम से कम 32 प्रतिशत वोटों का अपना आधार है। सीवान, काराकाट, किशनगंज और पूर्णिया को छोड़ दें तो शेष 36 सीटों पर तेजस्‍वी यादव बनाम नरेंद्र मोदी की लड़ाई थी। वोट शेयर में 32 फीसदी वोट होने के बावजूद राजद 10-12 प्रतिशत वोट का जुगाड़ नहीं कर सका। हार की असली वजह यह है। राजद के पास सक्रिय और प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं की सबसे बड़ी पूंजी है। इसके बावजूद बूथ पर लीड नहीं ले पाता है। इसकी वजह है कि कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रतिबद्धता को हाशिए पर धकेल दिया जाता है। वैसे में कार्यकर्ता उदासीन हो जाता है। तेजस्‍वी यादव के पास कार्यकर्ताओं से बात करने का समय नहीं है। पटना के बाहर नेताओं या कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बनाने का मौका नहीं है। उन्‍हें अब ट्रैक्‍टर को हेलीकाप्‍टर समझ कर उस पर सवार होकर वोटरों के बीच जाना होगा। चमार, दुसाध, कोईरी, कहार, बढ़ई, लोहार समेत अन्‍य जातियों के दरवाजे पर खुद दस्‍तक देनी होगी। इसका कोई विकल्‍प नहीं है।
राजद का सबसे बड़ा दुश्‍मन ‘गमछा ब्रिगेड’ है। तेजस्‍वी यादव भी मंचों खूब गमछा लहराते रहे हैं। गमछे की लहर में 32 फीसदी वाला वोटर नाच उठता है, लेकिन यही नाच 36 फीसदी वालों पर भारी पड़ने लगता है। अतिपिछड़ा समाज इसी गमछे के डर से राह बदल लेता है। गांव में कहावत है कि लाल गमछा देखकर सांढ भड़क जाता है। इसमें आगे जोड़ सकते हैं कि हरा गमछा देखकर अतिपिछड़ा भड़क जाता है। हरा गमछा कभी समाजवादियों की पहचान हुआ करता था, अब हरा गमछा अतिपिछड़ों के लिए दहशत का सबब गया है।
तेजस्‍वी यादव को राजनीतिक लड़ाई जीतने के लिए सामाजिक लड़ाई लड़नी होगी। माई-बाप के फेर में न माई बचेगी, न बाप बचेगा। उन्‍हें अब सांस्‍कृतिक लड़ाई लड़नी चाहिए। नीतीश कुमार ने अपनी रणनी‍ति के तहत यादवों के खिलाफ गैरयादव पिछड़ी जातियों में खौफ पैदा किया था, उस वातावरण को बदलना होगा, भरोसे का माहौल बनाना है।
तेजस्‍वी यादव को हर विधान सभा के कम से कम एक बूथ पर केस स्‍टडी करवानी चाहिए कि बूथ पर कितने लोगों ने मतदान नहीं किया। जिन लोगों ने मतदान नहीं किया, वह किस जाति समूह के हैं। इससे यह भी पता चलेगा कि जातियों में वोट का ट्रेंड क्‍या है। बूथ पर मिले वोटों की संख्‍या से पता चल जाएगा कि किन जातियों का वोट किधर जा रहा है। लेकिन दुर्भाग्‍य है कि तेजस्‍वी यादव की टीम में डिजिटल लोग काफी हो गये हैं, जिन्‍हें न जमीन की समझ है और न दीवार पर ठोके गये गोईठा का समाजशास्‍त्र का पता है।
21 जून को हम 4.35 बजे से 5.50 बजे तक लगभग 75 मिनट तेजस्‍वी यादव के दरवाजे पर बाहर खड़ा रहे। विधायक, विधान पार्षद, उम्‍मीदवार और पार्टी पदाधिकारियों का सिलसिला लगातार जारी रहा। लगभग सभी के हाथ में एक फाइल में कुछ कागजात थे। जूतों का रंग काला या सफेद था। अधिकतर लोग कुर्ता और पैजामे में थे, जबकि कुछ लोगों ने शर्ट और पैंट भी पहन रखा था। अधिकतर लोग अपनी गाडि़यों से पहुंच रहे थे, जबकि कुछ लोग साझे की सवारी पर आ रहे थे। मतलब एक ही गाड़ी में दो-तीन लोग आये थे। गाडि़यों का आना लगभग बंद हो गया तो हमने भी ए‍क गिलास ईख का जूस गटका और दरवाजे के बाहर की कुछ तस्‍वीर उतारी। इसके बाद चमचमती गाडि़यों के बीच से फटफटिया उठाकर निकल लिये।
Tags: yadav ji ki pathshala
Previous Post

दक्षिण बिहार में आधी-आधी सीटों पर फंसे तेजस्‍वी एवं मोदी

Next Post

अब दोनों सदनों में भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी

Birendra Yadav

Birendra Yadav

Next Post
अब दोनों सदनों में भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी

अब दोनों सदनों में भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
गैरसवर्णों के लिए ‘स्‍वर्ण काल’ था लालू राज

गैरसवर्णों के लिए ‘स्‍वर्ण काल’ था लालू राज

June 21, 2025
सम्राट चौधरी को पगड़ी गंगा में बहाने के मिले संकेत

सम्राट चौधरी को पगड़ी गंगा में बहाने के मिले संकेत

January 20, 2024
फिर मंडप में बैठी कुर्मी सरकार, दहेज में मिला कोईरी और भूमिहार

फिर मंडप में बैठी कुर्मी सरकार, दहेज में मिला कोईरी और भूमिहार

January 28, 2024
जमुई के लोजपारा के अरुण भारती की उम्‍मीदवारी पर खतरा मंडराया

जमुई के लोजपारा के अरुण भारती की उम्‍मीदवारी पर खतरा मंडराया

April 4, 2024
सुशील, सम्राट, हरी, उपेंद्र, चिराग सब गंगा में हदा दिये जाएंगे

सुशील, सम्राट, हरी, उपेंद्र, चिराग सब गंगा में हदा दिये जाएंगे

2

‘विधवा सुहागन’ हो गये पंचायत प्रतिनिधि अध्‍यादेश की ‘नौटंकी’ का सच आया सामने एमएलसी चुनाव में वोट देने का अधिकार भी देगी सरकार

0

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रमाणपत्र आजीवन रहेगा वैध सात वर्ष पुराने सर्टिफिकेट की जगह नया प्रमाणपत्र देगी राज्‍य सरकार

0

भाजपा और संघ का इतिहास धोखा देने का है

0
कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

August 30, 2025
बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

August 29, 2025

Recent News

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

August 30, 2025
बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

August 29, 2025
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS

Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS

Browse by Category

  • education
  • News
  • कैबिनेट क्लब
  • जाति
  • झारखण्ड
  • प्रशासन
  • बिहार
  • राजनीति

Recent News

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब

© 2023 Birendra Yadav News

No Result
View All Result
  • Homepages

© 2023 Birendra Yadav News