• About
  • Contcat Us
Saturday, March 7, 2026
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब
  • प्रशासन
  • झारखण्ड
No Result
View All Result
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब
  • प्रशासन
  • झारखण्ड
No Result
View All Result
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS
No Result
View All Result
Home कैबिनेट क्लब

तेजस्‍वी को अभी और करना होगा ‘अण्‍णे मार्ग’ का इंतजार

----- वीरेंद्र,वरिष्‍ठ संसदीय पत्रकार,पटना -------

admin by admin
May 17, 2022
in कैबिनेट क्लब, प्रशासन, बिहार, राजनीति
0
0
SHARES
2
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का उत्‍तराधिकारी इनको ही माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारे में यही चर्चा रही है। राजद के समर्थक मानते हैं कि तेजस्‍वी यादव का मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कभी हो सकता है। यह सब राजनीतिक कयास है और चौराहे की चर्चा है।
इससे इतर बिहार की राजनीतिक सच्चाई यह है कि नीतीश कुमार अंड़च पर शेष कार्यकाल पूरा करेंगे। भाजपा पानी-पानी पिला-पिलाकर मुख्‍यमंत्री को जगह-जगह पर अपमानित करेगी, लेकिन सरकार गिराने की कोई जोखिम नहीं लेगी। नीतीश कुमार सब अपमान सह कर भी कुर्सी नहीं छोड़ेगे, क्‍योंकि वे जीतनराम मांझी के तरह स्‍वाभिमानी नहीं है। मुख्‍यमंत्री के रूप में जीतन राम मांझी को जब लगा कि उनका स्‍वाभिमान आहत हो रहा है तो उन्‍होंने तुरंत बगावत कर दिया था। परिणाम सबके सामने था।
हम बात तेजस्‍वी यादव कर रहे थे। तेजस्‍वी यादव मुख्‍यमंत्री बनना चाहते हैं। लेकिन जल्‍दबाजी में भी नहीं हैं। जल्‍दबाजी का कोई लाभ भी नहीं होने वाला है। क्‍योंकि नीतीश कुमार 2025 तक के मुख्‍यमंत्री हैं। यह समय का फेर है। लेकिन तेजस्‍वी यादव उस स्‍तर पर जनाधार विस्‍तार का प्रयास भी नहीं कर रहे हैं, जिससे जनता में भरोसा पैदा हो कि वे गंभीर राजनीति कर रहे हैं। पहले इनका कार्यक्षेत्र 10 नंबर सर्कुलर रोड तक सीमित था, अब पार्टी मुख्‍यालय तक बढ़ा है। अभी भी पूरी रणनीति प्रेस कॉन्‍फ्रेंस और पार्टी मुख्‍यालय में आयोजित सभाओं को संबोधित करने तक सीमित है।
हम शुरू से तेजस्‍वी यादव की कार्यशैली के आलोचक रहे हैं। खबरों में भी है और खेत-खलिहानों में भी। हमने राजनीतिक रूप से ज्‍यादा अपेक्षा कभी नहीं रखी। एक आम यादव की तरह कहें तो तेजस्‍वी यादव उपमुख्‍यमंत्री थे, तब भी कोई जाति को फायदा नहीं था। और आज जब विपक्ष में हैं तो भी जाति को कोई नुकसान नहीं है। तेजस्‍वी यादव को देखने के लिए तब भी भीड़ उमड़ती थी और आज भी उमड़ती है।
हम इससे आगे की बात करना चाहते हैं। हम यह बताना चाहते हैं कि तेजस्‍वी यादव को जनाधार विस्‍तार और जनता का विश्‍वास अर्जित करने के लिए क्‍या करना चाहिए। तेजस्‍वी यादव की राजनीतिक टीम में कौन-कौन लोग हैं, यह स्‍पष्‍ट नहीं है। जो लोग संगठन के पदाधिकारी हैं, वे उनकी वैचारिक टीम के सदस्‍य हों, यह भी जरूरी नहीं है। भाजपा की जिस वैचारिक और राजनीतिक टीम से तेजस्‍वी यादव को चुनौती मिलने वाली है या मिल रही है, इससे मुकाबले के लिए न टीम है, न वैचारिक प्रतिबद्धता। इतना स्‍पष्‍ट है कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार और उनकी पार्टी हाशिये की धारा हो गयी है। अब बिहार में जदयू की पहचान सरकार के रूप में है, पार्टी के रूप में वह धराशायी हो गयी है। अब जदयू को दो एमएलसी बनाने के लिए भी सहयोगी पार्टी की अनुकंपा की जरूरत पड़ेगी।
वैसी स्थिति में तेजस्‍वी यादव अब भाजपा के स्‍वाभाविक विकल्‍प हैं। भाजपा की वैचारिक धारा है और धारा के लिए त्‍याग करने वालों की बड़ी जमात है। राजद के पास कभी सामाजिक न्‍याय और समाजवाद की धारा थी। उसका अब अभाव दिखता है। धारा के लिए त्‍याग करने वाला कोई व्‍यक्ति पूरी समाजवादी आंदोलन में नहीं रहा है।
हम यह कहना चाहते हैं कि तेजस्‍वी यादव को अपनी वैचारिक धारा और टीम के लिए नये सिरे से मंथन करना चाहिए। उनकी टीम में हर व्‍यक्ति सहमति से बंधा हुआ है। नेता की जयकारा से आगे वह सोच नहीं सकता है। हम यह नहीं कहते हैं कि उस टीम में असहमति के लिए जगह नहीं है। उस टीम में असहमति जाहिर करने वाले लोग नहीं हैं। हमने वीरेंद्र यादव न्‍यूज में कई आलेख प्रकाशित किये, जिसमें से कई तेजस्‍वी यादव को असहज भी लगा होगा, लेकिन उन्‍होंने उसे खारिज नहीं किया, बल्कि अपनी राय ही रखी।
तेजस्‍वी यादव की सबसे बड़ी खामी है कि पब्लिक के साथ उनका आई कंटेक्‍ट नहीं है। आम लोगों को वे आमने-सामने बैठाकर बात करने में विश्‍वास नहीं करते हैं। दरवाजे पर भीड़ खड़ी रहती है और घंटों इंतजार के बाद तेजस्‍वी गेट से बाहर आते हैं, दर्शन देते हैं और ओझल हो जाते हैं। इसका असर यह होता है कि जनता की समस्‍याओं को उतना ही समझ पाते हैं, जितना एससी में रहने वाली टीम उन्‍हें समझाती है।
तेजस्‍वी यादव को भाजपा से मुकाबले के लिए नये सिरे की रणनीति बनानी होगी। अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से रणनीति तय करनी होगी। राजपूत-भूमिहार वाले इलाके लिए अलग रणनीति बनानी होगी और मुसलमान बहुल इलाकों में अलग रणनीति बनानी होगी। तेजस्‍वी यादव के पास लोकसभा चुनाव के लिए अभी पूरे दो साल का समय है। पिछले चुनाव के बाद से तेजस्‍वी यादव की राजनीतिक रणनीति ऐसी नहीं दिखी, जिससे लगे कि उन्‍होंने भविष्‍य के चुनाव को लेकर कोई बड़ी रणनीतिक कसरत की हो।
नेता प्रतिपक्ष से बिहार को काफी उम्‍मीद है। लेकिन इसके साथ उनसे संघर्ष की भी अपेक्षा है। विधान सभा में मुख्‍य विपक्षी दल का दर्जा राजद से अगले 20 वर्षों तक कोई नहीं छीन सकता है। लेकिन अण्‍णे मार्ग पर कब्‍जा के लिए तो बिहार को समझना होगा और बिहारी मिजाज को भी।
tejswi-yadav-as-cm-bihar
Tags: tejswi-yadav-as-cm-bihar
Previous Post

अपने विरोधियों के बीच भी लोकप्रिय रहे हैं लालूजी

Next Post

नीतीश जी, छात्र सोनू यादव की गुहार कानों तक पहुंची है क्‍या ?

admin

admin

Next Post

नीतीश जी, छात्र सोनू यादव की गुहार कानों तक पहुंची है क्‍या ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
गैरसवर्णों के लिए ‘स्‍वर्ण काल’ था लालू राज

गैरसवर्णों के लिए ‘स्‍वर्ण काल’ था लालू राज

June 21, 2025
सम्राट चौधरी को पगड़ी गंगा में बहाने के मिले संकेत

सम्राट चौधरी को पगड़ी गंगा में बहाने के मिले संकेत

January 20, 2024
फिर मंडप में बैठी कुर्मी सरकार, दहेज में मिला कोईरी और भूमिहार

फिर मंडप में बैठी कुर्मी सरकार, दहेज में मिला कोईरी और भूमिहार

January 28, 2024
जमुई के लोजपारा के अरुण भारती की उम्‍मीदवारी पर खतरा मंडराया

जमुई के लोजपारा के अरुण भारती की उम्‍मीदवारी पर खतरा मंडराया

April 4, 2024
सुशील, सम्राट, हरी, उपेंद्र, चिराग सब गंगा में हदा दिये जाएंगे

सुशील, सम्राट, हरी, उपेंद्र, चिराग सब गंगा में हदा दिये जाएंगे

2

‘विधवा सुहागन’ हो गये पंचायत प्रतिनिधि अध्‍यादेश की ‘नौटंकी’ का सच आया सामने एमएलसी चुनाव में वोट देने का अधिकार भी देगी सरकार

0

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रमाणपत्र आजीवन रहेगा वैध सात वर्ष पुराने सर्टिफिकेट की जगह नया प्रमाणपत्र देगी राज्‍य सरकार

0

भाजपा और संघ का इतिहास धोखा देने का है

0
कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

August 30, 2025
बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

August 29, 2025

Recent News

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

लोकल बॉडी से भी महंगा होगा विधान सभा चुनाव

August 30, 2025
बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

बिहारशरीफ में होगी कोईरी बनाम यादव की जंग

August 29, 2025
Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS

Hindi News, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी, ताजा खबरें, लेटेस्ट न्यूज़ – BIRENDRA YADAV NEWS

Browse by Category

  • education
  • News
  • कैबिनेट क्लब
  • जाति
  • झारखण्ड
  • प्रशासन
  • बिहार
  • राजनीति

Recent News

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

कर्पूरी पुत्र रामनाथ ठाकुर होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी !

January 4, 2026
भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

भाजपा ने 47 विधायकों पर जताया भरोसा

October 15, 2025
  • होम
  • बिहार
  • जाति
  • राजनीति
  • कैबिनेट क्लब

© 2023 Birendra Yadav News

No Result
View All Result
  • Homepages

© 2023 Birendra Yadav News